क्यों दिखाई देते हैं हमें रंग ? जानिए इस विज्ञान लेख में

 

मीलों दूर तक फैला हुआ समंदर हो या असीम ऊंचाई से भरा आसमान आँखों को क्यों खोने के लिए कर देता है मजबूर

चारों तरफ हरियाली का हरा रंग आँखों को क्यों देता है बहुत सुकून?

क्या है मोर के पंखों की सुन्दरता का कारण??

क्यों इंद्रधनुष को देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है?

जानिये इन सबका जवाब प्रस्तुत लेख में जो जुड़ा है प्रकाश और उसकी अनोखी दुनिया से….

उपर बताये गए सभी चीज़ों के प्रति हमारे आकर्षण का जिम्मेदार है उनका रंग

आसमान और समंदर का नीला ,हरियाली का हरा और इन्द्रधनुष जिसमें सात रंग बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी, लाल उपस्थित होते है … आखिर क्या कारण है इन रंगों के बनने का?

रंगों का यह रहस्य जुड़ा है प्रकाश एवं इसकी प्रकृति से

                          

सूर्य हमारे लिए प्रकाश का अनंत स्रोत है और इससे आने वाले प्रकास की किरण(तरंग) का रंग होता है सफ़ेद

किन्तु उस सफ़ेद रंग में ही सम्मिलित होते हैं इसके संगठक रंग जो निम्न हैं-

  1. बैंगनी,
  2. नीला,
  3. आसमानी,
  4. हरा,
  5. पीला,
  6. नारंगी,
  7. लाल
  • ये सात रंग प्रकाश की सफ़ेद किरण को उसके संघटक अवयवों में विभक्त करने पर प्राप्त होते हैं और विपाटन(SPLITTING) की ये परिघटना परिक्षेपण(dispersion) कहलाती है |
  • प्रकाश के अपने अवयवी वर्णों के रूप को स्पेक्ट्रम(spectrum) कहते है|
  • मानव आँखें कुछ विशेष आवृति/तरंगदैर्घ्य परिसर की तरंगों/किरणों को ही देख पाती हैं | हमारे द्वारा देखे जा सकने वाले परिसर में सबसे कम तरंगदैर्घ्य वाला रंग बैंगनी है जिसकी तरंगदैर्घ्य 400 नैनोमीटर के आस पास होती है | इससे कम तरंगदैर्घ्य वाली तरंगें पराबैंगनी(ultraviolet) होती है | वहीँ हमारी आँखों द्वारा देखे जा सकने वाला अधिकतम तरंगदैर्घ्य का रंग लाल है जिसकी तरंगदैर्घ्य 750 नैनोमीटर के करीब होती है इससे अधिक तरंगदैर्घ्य की की तरंगों को अवरक्त (infrared) तरंग कहा जाता है|
  • विख्यात मनोचिकित्सकों का निष्कर्ष है कि रंगों में परिवर्तन के माध्यम से अनेकों मनोविकार तथा मनो शारीरिक रोगों का शमन सम्भव हैं।
  • प्रकाश को देखने के लिए मानव शरीर में आँख एक इंद्री होती है जिसके माध्यम से हम रंगों को देख पाते है | मानव् नेत्र के पास किसी भी पदार्थ से निकली अथवा परिवर्तित प्रकाश तरंग पहुँचती है तब वो इसे संवेदित कर इसकी तरंगदैर्घ्य के आधार पर हमें इसका रंग बताता है |

अगले लेख में जानिये मानव नेत्र कैसे कार्य करता है एवं इसकी संरचना कैसी होती है |

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1 Response

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