विज्ञान लेख : कैसे बना ब्रह्मांड ( परिचय एवं विकास ) part-1

 

पढिये छोटी सी मूलभूत जानकारी अपने ब्रम्हांड के बारे में 

ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति एवं पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों के उद्भव के बाद पृथ्वी पर विकास हुआ जीवन का और इस श्रृंखला में अन्य वनस्पति एवं अन्य जीवों के पश्चात हम मानव अस्तित्व में आये |

प्रकृति में मनुष्य को सबसे बुद्धिमान एवं सबसे सक्षम प्राणी माना जाता है क्योंकि हमारे पास सोचने के लिए दिमाग तो है ही साथ ही अपनी कल्पनाओं को पूरा कर पाने के लिए उपयुक्त शारीरिक बनावट भी है | जैसे हमारे हाथों में 4 अंगुलियाँ एवं अंगूठा है जिसके द्वारा हमारी पकड़ छोटी वस्तुओं पर भी हो सकती है एवं बड़ी वस्तुओं को भी नियंत्रित कर सकती है |

मानवों के अस्तित्व में आ जाने के बाद उनमें अपने जीवन को सरल बनाने की कवायद शुरू हुई और इसी के साथ उनके भीतर अपने चारों और के परिवेश,प्रकृति एवं परिघटनाओं के बारे में जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होने होने लगी | इसी जिज्ञासा के चलते अस्तित्व में आया विज्ञान |

वैज्ञानिक अवधारणाओं एवं इनका वास्तविक जीवन में अनुप्रयोग करने से आज मानव सभ्यता ने बहुत तरक्की कर ली है एवं ब्रह्माण्ड के छुपे हुए रहस्यों को खोलने में लगा हुआ है |

इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए मानव ने चन्द्रमा तक का सफ़र कर लिया है एवं मंगल ग्रह पर अपने कदम रखने की तैयारी कर रहा है | भारत ने भी विज्ञान के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है एवं सारे विश्व में उभरा हुआ नज़र आ रहा है|

आदिम युग में मनुष्य की पहली खोज आग थी उसके बाद पहिया और धीरे-धीरे आज अन्तरिक्ष में सैर करने के यान तक बना लिए गए हैं |

इस लेख में आप जानेंगे किस प्रकार से मानवों ने विज्ञान की सहायता से विकास की राह पकड़ी एवं भारत का उसमें किस प्रकार से योगदान रहा |

मानव सभ्यता के विकास में सबसे पुराने सबूत भारत में ही सिन्धु-घाटी सभ्यता के रूप में मिलते है जो भारत के स्वर्णिम इतिहास की गाथाएँ गाते हैं |

अगले लेख में हम आपको बताएँगे किस प्रकार से विज्ञान की विभिन्न शाखायें अस्तित्व में आई जो हमारे जीवन को किस प्रकार सरलता प्रदान कर रही है|

 

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1 Response

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