क्या पत्नी भी बांध सकती है राखी ? कौन बांध सकता है ? पढ़िए इस लेख में

रक्षा बंधन  पूरे भारत वर्ष में सावन मे पूर्णिम को मनाया जाता है . भाई
बहन के लिए मनाया जाने वाला त्यौहार हिन्दू संस्कृति  का अभिन्न अंग है .
लेकिन इन सब के बीच एक सवाल यह उठता है कि यह त्यौहार क्या केवल भाई बहन
के लिए है .  क्या अन्य रिश्ते में हम रक्षा सूत्र नही बांध सकते ?
इसका जवाब हम बता रहे हैं आपको , रक्षा सूत्र बंधने का अर्थ होता  की जिस
व्यक्ति के यह बंधा जाता है वह रक्षा के वचन में बंध जाता है . या जिसको
यह बाँधा जाता है उसकी  विपत्तियों से रक्षा हो इस भावना से   बाँधा जाता
है . यह भावना हम किसी भी व्यक्ति के लिए रख सकते हैं जो हमारा प्रिये हो
. इसे हम मित्रो को भी  बाँध सकते हैं . पुरोहित अपने यजमानो के बाँधा
करते हैं रक्षा के वचन के लिए .

इसे भारतीय संस्कृति का फ्रेंडशिप डे हम लोग बोल सकते हैं . एक दूसरे को
रक्षा और साथ निबाहने के वचन के साथ यह रक्षा सूत्र आप अपने अभिन्न
रिश्तेदारों को बांध सकते हैं.
इसी कड़ी में सवाल यह भी आ जाता है क्या पत्निया पति को राखी बांध सकती है
. जवाब होगा  हाँ
इसके पीछे की कहानी है सतयुग की जब उस युग में वत्रासुर नाम के राक्षस का
आतंक चरम पर था तो महारसी दधिची ने अपने हड्डीयों का दान देकर वज्र का
निर्माण करवाया था . उस युद्ध में देवताओं के राजा इंद्र को वृत्रासुर से
युद्ध करना था . जिसे लेकर इंद्र की पत्नी सची आशंकित हो उठी . उन्होंने
ने  अपने पति की रक्षा के लिए इस धागा मंत्रित करके देवराज इंद्रा की
कलाई में बाँध दिया . उस दिन सावन मास की पूर्णिमा थी . उस युद्ध में
इंद्र ने अद्भुद वीरता का प्रदर्शन किआ और देवताओं की विजय हुई .
इसी समय से इस त्यौहार का महत्व माना जाता है और हर उस व्यक्ति को  रक्षा
सूत्र बंधा जाता है जिसके रक्षा के लिए आप प्रार्थना करते हैं.

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